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惊声尖笑

Flood in UP: यूपी के 35 गांवों में घुस गया बाढ़ का पानी, चेतावनी बिंदु के बार पहुंचा गंगा का जलस्तर_我的网站

一拳超人

一 |     

在日本政府部门和机构的2027财年预算申请中,防卫预算申请达到约8.9万亿日元;养老金、医疗等社会保障支出预计增加约3900亿日元,而根据日本内阁府今年7月发布的2026财年经济财政白皮书,由于中东局势带来输入性通胀压力,同时劳动力短缺等结构性问题持续存在,日本经济复苏仍面临多重挑战,潜在经济增长率仍处于较低水平。那么,日本政府要想扩大军费、增加民生支出,该如何获取资金?是否能持续进行,将有哪些风险?
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中国社科院日本研究所助理研究员 孟明铭:日本政府目前收支上的矛盾,短期内仍有拼凑的办法。总的来说,高市政府的态度就是不靠多借钱,而是靠优惠、补贴、闲钱、重新算账等这些办法来解决。希望通过宽松的政策,加大国内投资和发展军工业的手段,把日本的潜在增长率抬上去,形成所谓先花钱,后靠经济增长把饼做大的剧本。

二 |     जागरण संवाददाता, मीरजापुर। जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर को गुरुवार की सुबह गंगा का जलस्तर पाकर करके शाम चार बजे तक 76.850 मीटर तक पहुंच गया है। इससे छह ब्लाक छानबे, कोन, सिटी, पहाड़ी, मझवां व सीखड़ के करीब 50 गांव में पानी घुस गया।,वहीं लगभग एक हजार बीघे फसल डूबकर नष्ट हो गई। सबसे अधिक कोन ब्लाक के एक दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित हुए है। प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम सदर व तहसील तथा अन्य कर्मचारी बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचकर निरीक्षक करते हुए क्षति का जायजा ले रहे है।,जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कर्मचारियों से प्रभावित लोगों की मदद करने का निर्देश दिया। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने क्षेत्रीय से लोगों की सुरक्षा करने के लिए निर्देश दिए है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर को पार करके खतरे के निशान 77.724 मीटर से पौने एक मीटर नीचे बह रहा है। एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी के चलते जिले के छानबे के डेरवा भटेवरा रोड व बिरोही अरगजा मार्ग पर पानी पहुंच गया है।,इससे इन मांर्गाे को बंद कर दिया गया है ताकि कोई घटना नहीं हो। वहीं कोन ब्लाक के 25 गांव में घुस गया है। कछवां क्षेत्र के सबेसबर, पिपराही, बरैनी, केवटावीर, धन्नूपुर, गांव तक पानी पहुंच गया है। वहीं पहाड़ी के नान्हूपुर आदि गांव में घुसा हुआ है। उधर चुनार व सीखड़ के गांव के सिवान में पानी घुसा है।,

  • - गंगा बाढ़ का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार, बाढ़ पीड़ित परिवार भगवान भरोसे
  • - गंगा बाढ़ का पानी घरों से लेकर आसपास फैला, मजबूर बाढ़ पीड़ित
  • - पशुओं के लिए चारा पशुपालकों के लिए परेशानी का कारण
  • - गंगा बाढ़ से घिरा मझरां के ऊंचाई स्थान पर मजबूर पशुपालक चरा रहे हैं पशुओं को
  • - उप जिलाधिकारी सदर ने राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ इलाके का किया निरीक्षण
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण विकास खंड कोन क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है। तटीय इलाकों में गंगा बाढ़ का पानी फैल चुका है। तीसरी बार गंगा में आई बाढ़ से प्रभावित गांव में अधिकारियों का आना-जाना लगा है ,किंतु बाढ़ राहत के नाम पर लंच पैकेट इत्यादि बाढ़ पीड़ितों को जिला प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया। बाढ़ से प्रभावित बाढ़ पीड़ित परिवार भगवान भरोसे ऊंचाई वाले स्थान घरों के छतों पर में रह रहे हैं।,कोन ब्लाक में गंगा बाढ़ का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करने के पश्चात हरसिंहपुर, मल्लेपुर, पूरवा, मठिया, बल्लीपरवा गांव के दलित बस्तियों में गंगा बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है ,जिससे बाढ़ पीड़ित परिवार ऊंचाई वाले स्थान पर अथवा छतो पर रह रहे हैं।,हरसिंहपुर गांव के मयाशंकर सरोज, करिया सरोज, झगड़, राम अवतार, मुरली, संजय आदि लोगों के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है। जबकि मल्लेपुर गांव के हरिशंकर ,गुड्डू यादव, राजदेव यादव आदि के घरों में गंगा बाढ़ का पानी घुस गया है । सभी लोग ऊंचाई वाली स्थान पर हैं अथवा छत पर रह रहे हैं । उक्त दोनों गांव के लगभग चार दर्जन परिवार से अधिक गंगा बाढ़ से प्रभावित हैं।,इसके अतिरिक्त क्षेत्र के मठिया, पूरवा, बल्लीपरवा का दलित कॉलोनी के परिवार गंगा बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। क्षेत्र के तटीय गांव के गंगा बाढ़ का पानी मिश्रधाप, चेकसारी ,बल्लीपरवा, कोल्हुआ मझिगवां, पचेवरा ,भोगांव, मुजेहरा कला, मुजेहराखुर्द,करेरूआ, गहिया, आदि गांव के खेतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है।,गंगा बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई खाने पीने की व्यवस्था नहीं किया गया है। न तो पशुपालकों के लिए पशुओं को चारा का व्यवस्था हुआ है, जिससे पूरा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बहरहाल क्षेत्र में उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ पीड़ितों के बीच में जाकर मदद का भरोसा दे रहे हैं। प्रभावित लोगों की कब मदद होगी यह कहना मुश्किल है।,पिछले 72 घंटों से लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर से चुनार क्षेत्र में फिर बार बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन द्वारा चुनार के जगदीशपुर टम्मलगंज, समसपुर, रैपुरिया, ढाब के नकहरा, जलालपुर माफी, बगहीं में नाव का संचालन करवाया जा रहा है।,वहीं चुनार के नागरपुर में आश्चर्य कूप जाने वाले मार्ग, चुनार सरैया मार्ग पर भी पलट प्रवाह के कारण जरगो नदी का पानी सड़कों पर आ गया है। यदि क्रम रहा तो एक दिन बाद इन रास्तों पर भी आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा। चुनार के ढाब क्षेत्र के लल्ली की मड़ई पर भी पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ है।,क्षेत्र के देवरिला माइनर के जर्जर टूटे तटबंध से पानी जाने से करीब 100 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।लगातार पानी बहने से किसानों की फसल डूब रही है। गुलौरी, मनई, देवरिला, गौरी एवं चरगोड़ा गांव की फसल पानी से डूबी हुई है। किसानों गोपाल सिंह, दिलीप दुबे, रजनीश सिंह, अमरनाथ यादव सहित अन्य तमाम किसानों ने जर्जर टूटे तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है।。中国社科院日本研究所助理研究员 孟明铭:日本政府这一套操作的本质有饮鸩止渴色彩,长期看风险很大。第一,目前高市采取的替代性裁员设想都有画饼嫌疑。据测算,相关措施只能提供一两万亿日元左右的空间,和高达10万亿的支出相比是杯水车薪。而且日本目前的经济发展前景并不明朗,高市能不能依靠经济增长来增加收入,也要画上一个问号。中国社科院日本研究所助理研究员 孟明铭:第二,可能进一步加剧日本的金融风险。

三 | 日本目前债务余额占GDP的比重已经非常高,进一步减税和增加支出将严重影响日本政府还债能力,加剧日元的贬值压力。

四 | 日元持续走弱会有推高物价、通胀等负面影响,加重日本经济出现系统性金融风险。中国社科院日本研究所助理研究员 孟明铭:第三,涉及日本民生的裁员压力。消费税是日本的年金、医疗和介护等重要的稳定财源,缺口如不能妥善填补,可能影响相关服务的可持续性。食品消费税减税两年期满,自民党为了保住政权,很可能不敢再提增税,两年可能就会变成永久减收。

五 | 由此社会保障最稳定的一块税基就被挖空了,进一步恶化日本民众的生活环境。中国社科院日本研究所助理研究员 孟明铭:高市政府现在最在意的不是长期风险,而是接下来2027年9月前后的自民党总裁选和2028年夏季的参院选。近期多份民调显示,高市内阁的支持率明显下滑,所以她迫切需要通过减税来拉回中间选民,通过扩军支出取悦国内的右翼保守势力这一基本盘,稳住支持率,渡过总裁选和参议院选,把首相的板凳坐稳,把风险留给日本的未来。倘若风险快要爆雷,那么顺滑下台走人也不失是一个办法。这进一步暴露以高市为首的日本右翼势力执迷于整军扩武、推动新军国主义,为满足政治私利,不惜损害日本民生和未来的真实面目。

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